LIFE by Dr. Pat फर्टिलिटी एवं स्त्री-प्रसूति रोग (OB-GYN) विशेषज्ञ क्लिनिक · लाइसेंस नं. 10102004165
आईवीएफ के लिए अंडाशय उत्तेजना के दौरान कभी-कभी केवल एक फॉलिकल प्रमुख बन जाता है, जबकि बाकी पीछे रह जाते हैं। ऐसे में मरीज़ और डॉक्टर को मिलकर एक निर्णय लेना होता है।
अन्य फॉलिकल्स के बराबर आने तक प्रतीक्षा करें। LH गतिविधि जोड़ें (Menopur, hMG)।
यदि कई फॉलिकल्स बनने की संभावना कम हो, तो कम लागत पर इस चक्र का लाभ उठाने के लिए योजना बदलकर आईयूआई करें।
एक अंडाणु का संग्रह करके आईवीएफ/आईसीएसआई (IVF/ICSI) के साथ आगे बढ़ें। भ्रूण कम होंगे, लेकिन गर्भधारण फिर भी संभव है। अधिक उम्र की मरीज़ों या पिछले चक्र की विफलता वाले मामलों में यह एक उचित विकल्प है।
मौजूदा चक्र रद्द करें और अगले चक्र में प्रोटोकॉल बदलें: DuoStim, Random-start, या DHEA/CoQ10 प्राइमिंग आज़माएँ।
जिन मरीज़ों में बार-बार केवल एक प्रमुख फॉलिकल बनता है, उनके लिए रैंडम-स्टार्ट अंडाशय उत्तेजना (मासिक चक्र के किसी भी दिन उत्तेजना शुरू करना) फॉलिकल्स की लहर (फॉलिक्युलर वेव) को बेहतर ढंग से पकड़ सकती है।
एक ही मासिक चक्र में उत्तेजना के दो दौर — पहला फॉलिक्युलर फेज़ में, दूसरा पहले अंडाणु संग्रह के बाद ल्यूटियल फेज़ में। कम समय में अधिकतम अंडाणु मिलते हैं — पुअर रेस्पॉन्डर्स के लिए उपयुक्त।
Dr. Patsama Vichinsartvichai, MD, MClinEmbryol, EFOG-EBCOG, EFRM-ESHRE/EBCOG, FACOG बोर्ड-प्रमाणित प्रजनन एंडोक्रिनोलॉजी एवं बांझपन विशेषज्ञ हैं। वे Navamindradhiraj University की Vajira आईवीएफ यूनिट के पूर्व प्रमुख और बैंकॉक में LIFE by Dr. Pat के संस्थापक हैं। उनका प्रकाशित शोध डिस्मॉर्फिक (T-आकार) गर्भाशय और गर्भाशय-संबंधी कारणों से होने वाले बांझपन पर केंद्रित है।
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