गर्भाशय गुहा का हाई-रिज़ॉल्यूशन मूल्यांकन, जो वह भी पकड़ लेता है जो सामान्य स्कैन में छूट जाता है।
गर्भाशय की कई स्थितियाँ — सेप्टेट गर्भाशय, T-आकार (डिस्मॉर्फिक) गर्भाशय, गुहा के भीतर फाइब्रॉइड, पॉलिप और आसंजन (adhesions) — इम्प्लांटेशन और गर्भावस्था के परिणामों को सीधे प्रभावित करती हैं। सामान्य 2D अल्ट्रासाउंड दो तल (planes) दिखाता है; 3D इसमें कोरोनल व्यू जोड़ता है, जो गुहा के आकार का सटीक मूल्यांकन करने के लिए आवश्यक है।
सलाइन इन्फ्यूज़न सोनोग्राफी (SIS) में स्कैन के दौरान एक पतले कैथेटर से थोड़ी मात्रा में स्टेराइल सलाइन डालकर गर्भाशय गुहा को धीरे से फैलाया जाता है। यह तरल पॉलिप, सबम्यूकस फाइब्रॉइड, आसंजन और दीवार की सूक्ष्म अनियमितताओं की रूपरेखा स्पष्ट कर देता है।
SIS क्लिनिक में ही की जाने वाली एक छोटी प्रक्रिया है। हल्की ऐंठन हो सकती है, लेकिन अधिकांश मरीज़ इसे आसानी से सहन कर लेते हैं। शुरू करने से पहले हम हर चरण के बारे में आपसे बात करते हैं।
Dr. Patsama Vichinsartvichai, MD, MClinEmbryol, EFOG-EBCOG, EFRM-ESHRE/EBCOG, FACOG बोर्ड-प्रमाणित प्रजनन एंडोक्रिनोलॉजी एवं बांझपन विशेषज्ञ हैं। वे Navamindradhiraj University की Vajira आईवीएफ यूनिट के पूर्व प्रमुख और बैंकॉक में LIFE by Dr. Pat के संस्थापक हैं। उनका प्रकाशित शोध डिस्मॉर्फिक (T-आकार) गर्भाशय और गर्भाशय-संबंधी कारणों से होने वाले बांझपन पर केंद्रित है।
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