LIFE by Dr. Pat फर्टिलिटी एवं स्त्री-प्रसूति रोग (OB-GYN) विशेषज्ञ क्लिनिक · लाइसेंस नं. 10102004165

शुक्राणु बनने में कितना समय लगता है?

शुक्राणुजनन (स्पर्मेटोजेनेसिस), यानी शुक्राणु बनने की प्रक्रिया, में स्टेम सेल से परिपक्व शुक्राणु बनने तक लगभग 70–90 दिन लगते हैं। इसका मतलब है कि पुरुष आज जो करता है, उसका असर अब से 3 महीने बाद शुक्राणु की गुणवत्ता पर पड़ता है।

समय-रेखा

  1. स्पर्मेटोगोनिया → प्राइमरी स्पर्मेटोसाइट: ~16 दिन
  2. मियोसिस से सेकेंडरी स्पर्मेटोसाइट तक: ~24 दिन
  3. सेकेंडरी स्पर्मेटोसाइट → स्पर्मेटिड: ~8 घंटे
  4. स्पर्मियोजेनेसिस (स्पर्मेटिड → शुक्राणु): ~24 दिन
  5. एपिडिडिमिस से होकर गुज़रना: 12–14 दिन

कुल: 70–90 दिन।

3 महीने की तैयारी की अवधि

इसीलिए प्रजनन विशेषज्ञ गर्भधारण की कोशिश या आईवीएफ (IVF) से पहले कम से कम 90 दिनों की तैयारी की सलाह देते हैं। आज आहार, व्यायाम, नींद और जीवनशैली में किए गए सुधार अब से 3 महीने बाद बेहतर शुक्राणु देते हैं।

पुरुषों को क्या करना चाहिए

पुरुषों को किन चीज़ों से बचना चाहिए

प्रमाण-आधारित सप्लीमेंट्स

वीर्य जाँच कब करानी चाहिए

LIFE by Dr. Pat में हम वस्तुनिष्ठ और सटीक परिणामों के लिए AI-सहायता प्राप्त वीर्य जाँच की सुविधा देते हैं।

Dr. Patsama Vichinsartvichai

लेखक के बारे में

Dr. Patsama Vichinsartvichai, MD, MClinEmbryol, EFOG-EBCOG, EFRM-ESHRE/EBCOG, FACOG बोर्ड-प्रमाणित प्रजनन एंडोक्रिनोलॉजी एवं बांझपन विशेषज्ञ हैं। वे Navamindradhiraj University की Vajira आईवीएफ यूनिट के पूर्व प्रमुख और बैंकॉक में LIFE by Dr. Pat के संस्थापक हैं। उनका प्रकाशित शोध डिस्मॉर्फिक (T-आकार) गर्भाशय और गर्भाशय-संबंधी कारणों से होने वाले बांझपन पर केंद्रित है।

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