चुनिंदा मरीज़ों में अंडाशय की कार्यक्षमता को सहारा देने का एक उभरता हुआ तरीका।
उम्र के साथ अंडाणुओं की गुणवत्ता और संख्या घटती है, और इसका फर्टिलिटी उपचार के परिणामों पर बड़ा असर पड़ता है। ऐसे उपाय जो अंडाशय की कार्यक्षमता को वास्तव में सहारा दे सकें, अभी भी शोध का एक प्रमुख क्षेत्र हैं।
Shogushin-1 एक नया उपाय है, जिसका अध्ययन अंडाशय की प्रतिक्रिया-क्षमता पर इसके संभावित प्रभाव के लिए किया जा रहा है। हम इसे प्रायोगिक (इन्वेस्टिगेशनल) मानते हैं और इस पर केवल सावधानी से चुने गए मामलों में, पूरे परामर्श के बाद ही विचार करते हैं।
साक्ष्य अभी विकसित हो रहे हैं। हम किसी विशेष परिणाम का वादा नहीं करते। SGO1 आपके लिए सही है या नहीं, यह आपके ओवेरियन रिज़र्व, उम्र और लक्ष्यों पर निर्भर करता है।
Dr. Patsama Vichinsartvichai, MD, MClinEmbryol, EFOG-EBCOG, EFRM-ESHRE/EBCOG, FACOG बोर्ड-प्रमाणित प्रजनन एंडोक्रिनोलॉजी एवं बांझपन विशेषज्ञ हैं। वे Navamindradhiraj University की Vajira आईवीएफ यूनिट के पूर्व प्रमुख और बैंकॉक में LIFE by Dr. Pat के संस्थापक हैं। उनका प्रकाशित शोध डिस्मॉर्फिक (T-आकार) गर्भाशय और गर्भाशय-संबंधी कारणों से होने वाले बांझपन पर केंद्रित है।
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