बांझपन की जाँच: कारण का पता लगाना

हर उपचार से पहले निदान ज़रूरी है। दोनों साथियों के लिए संपूर्ण, प्रमाण-आधारित फर्टिलिटी जाँच में क्या शामिल है — और यह आपको अनावश्यक आईवीएफ से कैसे बचा सकती है।

आपको जाँच कब करानी चाहिए?

बांझपन की परिभाषा है: 12 महीने तक नियमित, बिना सुरक्षा के संबंध के बाद भी गर्भधारण न होना। लेकिन इस परिभाषा के महत्वपूर्ण अपवाद हैं — पूरा एक साल इंतज़ार करना हमेशा सही सलाह नहीं होती:

"कारण का पता लगाना" ही असली उद्देश्य क्यों है

बांझपन के लगभग एक-तिहाई मामलों में महिला कारक, एक-तिहाई में पुरुष कारक होते हैं, और बाक़ी में दोनों मिले-जुले या अस्पष्टीकृत होते हैं। निदान के बिना उपचार करना अंदाज़ा लगाने जैसा है। व्यवस्थित जाँच से अक्सर कोई विशिष्ट, ठीक की जा सकने वाली समस्या सामने आती है — गर्भाशय की असामान्यता, बंद ट्यूब, ओव्यूलेशन विकार, शुक्राणु की उपचार-योग्य समस्या — और कभी-कभी यह पता चलता है कि दंपती को आईवीएफ की ज़रूरत ही नहीं है।

संपूर्ण जाँच में क्या शामिल है

LIFE by Dr. Pat में दोनों साथियों की जाँच साथ-साथ होती है — बांझपन दंपती का निदान है, किसी एक व्यक्ति का नहीं। संपूर्ण जाँच में शामिल है:

  1. इतिहास और शारीरिक जाँच

    दोनों साथियों के मासिक धर्म का पैटर्न, पिछली गर्भावस्थाएँ, सर्जरी, बीमारियाँ, दवाएँ और जीवनशैली से जुड़े कारक।

  2. ओवेरियन रिज़र्व की जाँच

    AMH रक्त स्तर और अल्ट्रासाउंड पर एंट्रल फॉलिकल काउंट — ये दोनों मिलकर अंडाणुओं की संख्या का अनुमान देते हैं और उपचार की तीव्रता तय करने में मदद करते हैं।

  3. हार्मोन प्रोफ़ाइल

    ज़रूरत के अनुसार थायरॉइड फ़ंक्शन, प्रोलैक्टिन और चक्र के हार्मोन, ताकि PCOS या थायरॉइड से जुड़ी कम प्रजनन क्षमता जैसे ओव्यूलेशन विकारों का पता चल सके।

  4. 3D ट्रांसवेजाइनल अल्ट्रासाउंड (3D-TVUS)

    गर्भाशय और अंडाशय की संरचना का विस्तृत स्कैन। मेरे प्रकाशित शोध में, बांझपन की लगभग 27% मरीज़ों में डिस्मॉर्फिक (T-आकार) गर्भाशय गुहा पाई गई, जो सामान्य 2D स्कैन में छूट जाती है। 3D-TVUS + SIS के बारे में पढ़ें।

  5. ट्यूब खुली होने का मूल्यांकन

    सलाइन-कॉन्ट्रास्ट सोनोग्राफी या HSG से यह जाँचना कि फैलोपियन ट्यूब खुली हैं या नहीं — प्राकृतिक गर्भधारण, IUI और आईवीएफ में से चुनने से पहले यह आवश्यक है।

  6. वीर्य जाँच

    WHO के संदर्भ मानों के अनुसार शुक्राणुओं की सांद्रता, गतिशीलता और आकृति का मूल्यांकन। लगभग आधे दंपतियों में पुरुष कारक भी योगदान देते हैं। पुरुष-कारक जाँच के बारे में और जानें।

  7. हिस्टेरोस्कोपी, ज़रूरत होने पर

    अगर इमेजिंग में गुहा की कोई समस्या दिखे — पॉलिप, आसंजन, सेप्टम या डिस्मॉर्फिक गुहा — तो नो-टच डिजिटल हिस्टेरोस्कोपी से हम गर्भाशय के अंदर सीधे देख पाते हैं और अक्सर उसी सत्र में उपचार भी कर देते हैं।

जाँच के बाद क्या होता है

जाँच आम तौर पर एक मासिक चक्र में पूरी हो जाती है। फिर आप मुझसे मिलते हैं — वही डॉक्टर जिसने आपके स्कैन किए थे — और हम साथ मिलकर निष्कर्षों की समीक्षा करते हैं। योजना निदान के अनुसार बनती है:

LIFE by Dr. Pat मध्य बैंकॉक में एक बुटीक फर्टिलिटी क्लिनिक है। आपकी जाँच का हर चरण — परामर्श, 3D अल्ट्रासाउंड और हिस्टेरोस्कोपी — स्वयं Dr. Patsama Vichinsartvichai, MD (FACOG, EFOG-EBCOG, EFRM-ESHRE/EBCOG) करते हैं; क्लिनिक BTS Ploenchit से थोड़ी ही पैदल दूरी पर है। मूल्य प्रकाशित और पारदर्शी हैं, और क्लिनिक में उपचार जारी रखने की कोई बाध्यता नहीं है।

परामर्श बुक करें विदेश से वर्चुअल परामर्श

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हमें फर्टिलिटी डॉक्टर से कब मिलना चाहिए?

अगर महिला साथी की उम्र 35 से कम है तो 12 महीने की कोशिश के बाद, 35 या उससे अधिक है तो 6 महीने बाद, और किसी भी उम्र में तुरंत अगर चेतावनी के संकेत हों, जैसे अनियमित मासिक धर्म, पहले से ज्ञात एंडोमेट्रियोसिस, पहले हुई पेल्विक सर्जरी, बार-बार गर्भपात, या शुक्राणु से जुड़ी ज्ञात समस्या।

फर्टिलिटी जाँच में कौन-से टेस्ट शामिल होते हैं?

महिला साथी के लिए: AMH और हार्मोन की रक्त जाँच, गर्भाशय और अंडाशय का 3D ट्रांसवेजाइनल अल्ट्रासाउंड, और ट्यूब खुली होने की जाँच। पुरुष साथी के लिए: WHO के संदर्भ मानों के अनुसार वीर्य जाँच। अगर इमेजिंग में गर्भाशय गुहा के अंदर कोई समस्या दिखे तो हिस्टेरोस्कोपी भी जोड़ी जाती है।

जाँच में कितना समय लगता है?

अधिकांश दंपती एक ही मासिक चक्र के भीतर पूरी जाँच करा लेते हैं। कई टेस्ट पहली विज़िट पर हो सकते हैं; कुछ टेस्ट चक्र के विशेष दिनों पर किए जाते हैं।

क्या कारण अस्पष्ट रह सकता है?

हाँ — पूरी जाँच के बाद भी लगभग 10–30% दंपतियों में कोई एक कारण नहीं मिलता। "अस्पष्टीकृत" का मतलब यह नहीं कि इलाज संभव नहीं: समय तय करके प्राकृतिक गर्भधारण से लेकर IUI और आईवीएफ (IVF) तक के विकल्पों पर उम्र के अनुसार ईमानदार सफलता आँकड़ों के साथ चर्चा की जाती है।

क्या हमें उपचार वहीं जारी रखना होगा जहाँ जाँच हुई है?

नहीं। LIFE by Dr. Pat में जाँच के साथ निष्कर्षों का लिखित सारांश मिलता है, जिसे आप कहीं भी ले जा सकते हैं। कई मरीज़ इसका उपयोग सेकंड ओपिनियन के लिए करते हैं — और कई इसी कारण हमारे पास आते हैं।

Dr. Patsama Vichinsartvichai

लेखक के बारे में

Dr. Patsama Vichinsartvichai, MD, MClinEmbryol, EFOG-EBCOG, EFRM-ESHRE/EBCOG, FACOG बोर्ड-प्रमाणित प्रजनन एंडोक्रिनोलॉजी एवं बांझपन विशेषज्ञ हैं। वे Navamindradhiraj University की Vajira आईवीएफ यूनिट के पूर्व प्रमुख और बैंकॉक में LIFE by Dr. Pat के संस्थापक हैं। उनका प्रकाशित शोध डिस्मॉर्फिक (T-आकार) गर्भाशय और गर्भाशय-संबंधी कारणों से होने वाले बांझपन पर केंद्रित है।

डॉ. पैट्समा से मिलें →
LINE WA